अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और डेयरी का काम कर रहे हैं या शुरू करने की सोच रहे हैं, तो ये जानकारी आपके बहुत काम आ सकती है। राज्य सरकार ने देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए एक खास योजना चला रखी है, जिसका नाम है मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना। ये स्कीम नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत आती है।
इस योजना का मकसद साफ है — गिर, साहीवाल, थारपारकर, हरियाणा और गंगातीरी जैसी देसी नस्लों को पालने वाले किसानों को प्रोत्साहित करना, ताकि प्रदेश में देसी गायों की संख्या और उनका दूध उत्पादन दोनों बढ़े। अगर आपके पास इनमें से कोई नस्ल है और वो ठीक-ठाक दूध देती है, तो सरकार सीधे आपके खाते में पैसे भेजेगी।
पैसा कितना मिलेगा, ये दूध पर निर्भर करता है
स्कीम में मिलने वाली रकम गाय के रोज़ के दूध उत्पादन से जुड़ी है। साहीवाल, गिर या थारपारकर गाय अगर रोज़ाना 8 से 12 लीटर दूध देती है, तो पशुपालक को 10,000 रुपये मिलेंगे। और अगर दूध की मात्रा 12 लीटर से ज्यादा है, तो ये रकम बढ़कर 15,000 रुपये हो जाती है।
हरियाणा और गंगातीरी नस्ल की गायों के लिए स्लैब थोड़ा अलग है — 6 से 10 लीटर दूध पर 10,000 रुपये, और 10 लीटर से ज्यादा पर 15,000 रुपये।
एक जरूरी बात ध्यान रखें: एक पशुपालक ज्यादा से ज्यादा दो गायों के लिए ही ये फायदा ले सकता है, और ये मदद सिर्फ एक बार दी जाती है। साथ ही गाय के कान में ईयर टैग लगा होना और उसका बीमा होना अनिवार्य शर्त है — इसके बिना आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा।
अप्लाई कैसे करें?
योजना का फायदा उठाने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। आवेदन दो तरीकों से किया जा सकता है:
ऑनलाइन — नंद बाबा दुग्ध मिशन की वेबसाइट nandbabadugdhmission.up.gov.in पर जाकर
ऑफलाइन — अपने नज़दीकी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय से फॉर्म लेकर
किन दस्तावेज़ों की जरूरत पड़ेगी?
आवेदन के साथ ये कागज़ात जमा करने होंगे:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- गाय के साथ खुद की फोटो
- ईयर टैगिंग सर्टिफिकेट
- बीमा के दस्तावेज़
- एक शपथ पत्र
आवेदन जमा करने के बाद पशुपालन विभाग की टीम आपके घर आकर तीन अलग-अलग मौकों पर दूध की नाप-तौल का सत्यापन करेगी। अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो प्रोत्साहन राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. इस योजना का फायदा कौन ले सकता है?
उत्तर प्रदेश का कोई भी पशुपालक जिसकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है और जिसके पास गिर, साहीवाल, थारपारकर, हरियाणा या गंगातीरी नस्ल की गाय है, वो इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है।
2. एक परिवार से कितनी गायों पर पैसा मिल सकता है?
एक पशुपालक अधिकतम दो गायों के लिए ही इस योजना का फायदा उठा सकता है।
3. क्या ये मदद बार-बार मिलती रहती है?
नहीं, ये प्रोत्साहन राशि एक गाय के लिए सिर्फ एक बार ही दी जाती है।
4. बिना ईयर टैग या इंश्योरेंस के आवेदन हो सकता है क्या?
नहीं, गाय के कान में ईयर टैग लगा होना और उसका बीमा होना दोनों अनिवार्य हैं। इनके बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
5. पैसा कैसे और कब मिलेगा?
आवेदन जमा करने के बाद विभाग की टीम तीन बार घर आकर दूध की जांच करेगी। सब सही पाए जाने पर राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में भेजी जाती है।